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गुरुवार, 24 मार्च 2022

भगवान भरोसे होने का अर्थ।












हरे कृष्णा दोस्तों,



दोस्तों, जब परिस्थितियां खराब होती है। तो कई बार हमने अपने बड़े बुजुर्गों के मुंह से सुना है। कि चिंता मत करो। सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ दो। सब ठीक हो जाएगा। और कई लोग इस वाक्य का गलत मतलब निकाल लेते हैं। और कुछ कर्म ही नहीं करते और बिना कर्म के ही सोचते हैं। कि परिस्थितियां स्वत: ठीक हो जाएंगी। दोस्तों इस बात पर आज मैं आपको एक कहानी सुनाती हूं।



एक आदमी की आर्थिक स्थिति बहुत खराब होती है। वह अपनी टूटी फूटी झोपड़ी में जैसे तैसे दिन बिता रहा था। उसकी पत्नी लोगों के घरों में जाकर खाना बनाने का काम करती हैं। और उसी आय से अपने परिवार का भरण पोषण करती है। और अपने पति को समझाती है। कि तुम भी कुछ काम करो। ताकि हमारे दिन बदल सके। हमारी आर्थिक स्थिति थोड़ी सुधर सके। परंतु पति बोलता है। इन छोटे-मोटे कामों से दिन नहीं बदलने वाले बस हमारा खर्चा पानी ही चलेगा। और मुझे यह छोटे-मोटे काम नहीं करना। मुझे तो बहुत अमीर बनना है। और वह अमीर बनने के लिए जुगाड़ लगाने लग जाता है। वह अपनी पत्नी की कमाई में से कुछ पैसे लेकर लॉटरी के टिकट खरीदता है। और भगवान की मूर्ति के आगे रख देता है। 

















और सुबह शाम भगवान से प्रार्थना करता है। कि हे! ईश्वर कुछ ऐसा चमत्कार करो। कि मेरा यह लॉटरी का टिकट निकल जाए। और इसी तरह भगवान पर भरोसा रख। वह कभी लाटरी का टिकट खरीदता तो कभी जुए में दांव लगाता। और सोचता इस तरह में जल्दी लखपति या करोड़पति बन जाऊंगा।




अपनी पत्नी की मेहनत की कमाई को वह बिना सोचे समझे फिजूल की चीजों में खर्च कर देता। जिसके कारण उसके परिवार की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब होती चली गई। पति की इन हरकतों से परेशान हो। वह सोचती है। कि मेरा पति तो निकम्मा है। अब मेरे बच्चों के भविष्य के बारे में मुझे ही सोचना पड़ेगा। और वहां अपने बच्चों को लेकर अपने पति से अलग हो जाती है। उसकी पत्नी भी ईश्वर में बहुत श्रद्धा और विश्वास रखती है। साथ ही यह भी मानती है। ईश्वर भी उसी का ही साथ देता है। जो अपना साथ देता है। जो अच्छी नियत से कर्म करता है। उस पर सदा ईश्वर की कृपा बरसती है। और भगवान पर पूर्ण विश्वास रख। वह एक नए काम की शुरुआत करती है। वह कुछ महिलाओं के साथ एक संस्था का निर्माण करती है। और उसकी संस्था को एक सरकारी स्कूल में मध्यान भोजन वितरण करने का काम मिल जाता है। उसके बेहतर काम और स्वादिष्ट भोजन की चर्चा होने लगती है। और इसी कारण उसे और भी सरकारी स्कूलों में मध्यान भोजन वितरण का काम मिल जाता है। जो लोग अपने कर्म से पीछे नहीं हटते और अपनी मेहनत पर विश्वास रखते हैं। ईश्वर उनके लिए सफलता के कई दरवाजे खोल देते हैं। अपनी मेहनत व ईश्वर की कृपा से वह दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की करती चली जाती हैं। और दूसरी और उसका पति भगवान भरोसे अपनी सारी संपत्ति जुए में दांव पर लगा देता है। और सब कुछ हार जाता है। 




ख़ुद को ईश्वर के भरोसे छोड़ देने का अर्थ यह नहीं कि हम कर्महीन हो जाएं। बल्कि मनुष्य का प्रथम धर्म अपने कर्तव्य का पालन करना है। सत्कर्म करना है। 



भगवान भरोसे रहने का अर्थ प्रयत्न ना करना नहीं है। अपितु प्रयत्न करने के बाद जो भी मिल जाए उसमें प्रसन्न रहना है। लोगों के द्वारा अक्सर भगवान भरोसे रहने का अर्थ अकर्मण्यता को समझ लिया जाता है।



भगवान भरोसे रहने का अर्थ है। कि जो हमारे बस में है। अर्थात हमारे "कर्म" उसे पूरी निष्ठा से किया जाए। और जो हमारे बस में नहीं। अर्थात उस कर्म का प्रतिफल उसे ईश्वर के ऊपर छोड़ दिया जाए।



प्रयत्न करने में, उद्यम करने में, पुरुषार्थ करने में असंतोषी रहो। प्रयास की अंतिम सीमाओं तक जाओ। एक क्षण के लिए भी लक्ष्य को मत भूलो। तुम क्या हो ? यह मुख से मत बोलो लोगों तक तुम्हारी सफलता बोलनी चाहिए।



   "" करने में सावधान होने में प्रसन्न "" 















अच्छी नियत से कर्म करो। बाकी सब ईश्वर पर छोड़ दो। अच्छी नियत से किए गए सत्कर्म हमेशा अच्छा ही परिणाम देते हैं। हमेशा इस बात के प्रति सचेत रहें। कि कहीं हमारे कर्म किसी का अनिष्ट तो नहीं कर रहे। कहीं हमारे कर्मों द्वारा किसी के हृदय को आघात तो नहीं हो रहा। हमारे मन में सदैव लोगों के कल्याण की भावना होनी चाहिए। और उसी अनुरूप हमारे कर्म होने चाहिए।




कर्म करते समय सब कुछ मुझ पर ही निर्भर है। इस भाव से कर्म करो। कर्म करने के बाद सब कुछ मेरे प्रभु पर ही निर्भर है। इस भाव से शरणागत हो जाओ। परिणाम में जो प्राप्त हो, उसे प्रेम से स्वीकार कर लो।



यदि मैं सीधे-सीधे शब्दों में कहूं। तो भगवान भरोसे होने का अर्थ है। की भगवान पर भरोसा रखना। उन पर पूर्ण विश्वास रखना। और कर्म करने के बाद उसके प्रतिफल को ईश्वर के ऊपर छोड़ देना। की मेरा ईश्वर मुझे जो देगा। उसी में मेरा कल्याण है। इस भाव से खुद को ईश्वर के प्रति समर्पित कर देना।



🙏🙏 राधे राधे 🙏🙏



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