प्रस्तावना - "why extra marital affair even after love marriage?" यह लेख extra marital affair क्यों बन जाते हैं? इस विषय पर लिखित हैं।
हरे कृष्णा दोस्तों,
जिन लोगों ने arrange marriage की है। उससे कहीं ज्यादा उथल पुथल मैंने उन लोगों के वैवाहिक जीवन में देखी है। जिन्होंने love marriage की है। शादी के कुछ समय बाद ही उनका प्रेम पता नहीं कहां छूमंतर हो जाता है? कुछ समय बाद ही उन लोगों में इतने झगड़े होते हैं। कि कोई देखकर यह नहीं कह सकता। कि इन लोगों ने love marriage अर्थात प्रेम विवाह किया है।
कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है?
जब यह प्रश्न किया जाता है। कि आपने love marriage की है या arrange marriage? तो कोई कहता है। कि हमारी arrange marriage हुई है। तो कोई कहता है। कि love marriage हुई है। पर क्या वाकई में जिसे आप love marriage कह रहे हैं। क्या वह आपकी love marriage/ प्रेम विवाह ही है? क्या वाकई में आपने प्रेम विवाह ही किया है? यह प्रश्न आप खुद से कीजिए क्योंकि प्रेम विवाह को समझने के लिए पहले प्रेम को समझना पड़ेगा।
क्योंकि जिसे आप प्रेम समझते हो। वह तो प्रेम होता ही नहीं। वह तो सिर्फ एक आकर्षण मात्र हैं। तो फिर प्रेम विवाह कैसा? क्योंकि यदि सच में प्रेम होता। तो जीवन के अंत तक रहता। कुछ महीनों में ही छूमंतर ना हो जाता। यह तो सिर्फ एक दूसरे के प्रति आकर्षण मात्र ही था। जो कुछ समय बाद छूमंतर हो गया। और यह आकर्षण कुदरती है। जो इंसान और पशुओं हर किसी में होता है। जहां muscular energy और feminine energy आपस में एक दूसरे को आकर्षित करती है। और यह आकर्षण या खिंचाव दो लोगों को समीप ले आता है। और कई बार यह समिपता इतनी बढ़ जाती है। कि जो कार्य शादी के बाद होना था। वह शादी के पहले ही हो जाता है।
और हमारे समाज की मानसिकता यह है। कि जो कार्य शादी के बाद एक पतिव्रता स्त्री का धर्म है। वह कार्य शादी के पहले पाप कहलाता है। और जब यह पाप हो जाता है। तो समाज उन पर लांछन ना लगाएं और समाज में उनकी छवि खराब ना हो। इस डर से इस पाप को छुपाने के लिए मजबूरी में विवाह कर लेते हैं।
मेरी नजर में पाप पुण्य कुछ नहीं होता। बस सही और गलत होता है। और यह परीक्षण हमें खुद करना है। कि हम सही है या गलत।
और यदि विवाह किसी मजबूरी में आकर किया। तो वह विवाह प्रेम विवाह ( love marriage ) कैसे?
क्योंकि यदि प्रेम विवाह होता। तो वहां सिर्फ और सिर्फ प्रेम होता कोई मजबूरी नहीं।
चाहे love marriage हो या arrange marriage जो रिश्ते जोर जबरदस्ती द्वारा या किसी मजबूरी में बनाए गए। वो रिश्ते मजबूरी के रिश्ते होते हैं। प्रेम के रिश्ते नहीं जो सामाजिक रूप से ऊपरी तौर पर एक दूसरे से जुड़े होते हैं। परंतु दिल से नहीं। चाहें love marriage करना या arrange marriage पर यह मजबूरी वाली marriage बिल्कुल भी मत करना।
क्योंकी जहां रिश्ता बनाना और निभाना सिर्फ और सिर्फ एक मजबूरी बन जाएं। उन रिश्तो में प्रेम नहीं होता।
और यदि वाकई में आपने एक दूसरे के प्रेम में पड़कर विवाह किया है। किसी मजबूरी में नहीं। तो उस प्रेम भरे रिश्ते को जीवन के अंत तक सहेज कर रखें। उसे नजरअंदाज कर मुरझाने ना दें। प्यार में छोटी मोटी नोकझोंक तो चलती है। परंतु वादविवाद कर एक दूसरे को नीचा दिखाने वाले और एक दूसरे के दिल को ठेस पहुंचाने वाले शब्द ना कहें। क्योंकि जहां प्रेम होता है। वहां एक दूसरे को नीचा नहीं दिखाया जाता। प्रेम तो अपने प्रेमी को ऊंचा स्थान ही देता है। नीचे नहीं गिराता।
और जो लोग प्रेम विवाह ( love marriage ) करना चाहते हैं। एक दूसरे को पसंद करते हैं। एक दूसरे से सच्चा प्रेम करते हैं। वह लोग ऐसा कोई भी कार्य ना करें कि आपका प्रेम कलंकित हो जाएं। जहां तड़प शरीर में उठे वह सिर्फ़ आकर्षण है। जहां पर प्रेम होता है। वहां तो दिलों में तड़प उठती है। नजरें देखने के लिए तड़प उठती है और कान उसकी आवाज सुनने के लिए तड़पते हैं।
यदि आप confused है। कि आप जो महसूस कर रहे हैं। वह प्रेम है या सिर्फ एक आकर्षण। तो प्रेम के ऊपर लिखी मेरी यह 👇 पोस्ट जरूर पढ़े।
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जब प्रेम को सच की कसौटी पर परख लें। तभी प्रेम विवाह ( love marriage ) का फैसला ले। नहीं तो कई love marriage में भी तलाक होते देखे हैं मैंने। क्योंकि जहां प्रेम था ही नहीं। वहां प्रेम विवाह कैसा? और ऐसे नकली प्रेम विवाह कुछ सालों में ही टूट जाते हैं।
मेरा काम है। लोगों को सही मार्गदर्शन देना और मैं अपना काम बखूबी कर रही हूं। बाकी फैसला आपका कि आपको सच का प्रेम विवाह करना है या वो नकली प्रेम विवाह जो कुछ सालों बाद टूट जाता है। या फिर एक ऐसा खोखला रिश्ता बन कर रह जाता है। जिसमें प्यार नहीं होता। चाहें love marriage हो या arrange marriage जहां रिश्ते खोखले हो जाते हैं। वहां extra marital affair होना एक आम बात है। क्योंकि जो प्यार उस रिश्ते में missing है। वह प्यार बाहर खोजा जाने लगता है।
विवाहित लोगों के लिए बस यही संदेश है। कि अपने रिश्ते को किसी भी कीमत पर खोखला ना होने दें। उसमें से वो प्यार missing ना होने दे। जो उस रिश्ते मैं होना चाहिए। क्योंकि यदि आपके रिश्ते में extra marital affair नाम कि यह दीमक लग गई। तो जो रिश्ता पहले से खोखला है। वह और अधिक खोखला हो जाएगा और टूट कर बिखर जाएगा।
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राधे राधे
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