प्रस्तावना- सफलता के मूलमंत्र की इस कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं। सफलता के लिए बहुत ही जरूरी गुण "धैर्य" की।
सफलता के मूलमंत्र की बात की जा रही है। तो हम मनुष्य के " धैर्य " इस गुण को कैसे भूल सकते हैं। क्योंकि मनुष्य के इसी गुण के कारण वह सफलता पाने के लिए इतनी लंबी यात्रा तय कर पाता है। पुरानी कहावत है। कि "हथेली पर सरसों नहीं जमती" इसका मतलब आप जो भी कर कर रहे हैं। उसका फल आपको उसी वक्त नहीं मिलता। मतलब आपको अपनी मेहनत का रिजल्ट वक्त आने पर ही मिलेगा। तब तक आपको धेर्य तो रखना ही होगा।
अगर आपको सफलता पाना है। और आप यह सोच रहे हैं। कि मैं कुछ दिनों में सफल हो जाऊंगा। तो यह आपका भ्रम है। जितना बड़ा आपका लक्ष्य है। उतनी मेहनत आपको करनी होगी और उतना ही अधिक समय आपको उस लक्ष्य तक पहुंचने में लगेगा। जिस तरह जमीन में घास फूस दो-चार दिन में उग जाते हैं। और वही विशाल वृक्षों के बीज पांच से छह महीने का समय केवल स्फुटित होने में लेते हैं। उसी तरह यदि आपका लक्ष्य भी विशाल है। तो आपको अपने कार्यों का रिजल्ट दो-चार दिन में नहीं मिलने वाला आपको धैर्य रखना होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते हुए सफलता का इंतजार आपको धैर्य पूर्वक करना ही होगा।
अधिकतर लोगों की यही समस्या है। कि वे धैर्य नहीं रख पाते। सब कुछ उन्हें जल्दी चाहिए सोचते हैं। आज हमने कुछ किया और उसका रिजल्ट भी आज ही मिल जाए। तो ऐसा नहीं होता। कुछ चीजें टाइम लगाती है। अपने तय समय पर ही होंगी। तब तक आपको पेशेंस तो रखना ही होगा।
आपने आज ही बीज बोया और आज ही उसे सौ घड़े पानी से सींच लो तो क्या पेड़ उग जाएगा? क्या उस पर आज ही फल लग जाएंगे? नहीं ना आपको रोज सींचना होगा। जितनी जरूरत है। और समय आने पर ही बीज स्फूटित होगा। समय आने पर ही पेड़ बनेगा। और समय आने पर ही फल लगेंगे।
उदाहरण के लिए आपने लक्ष्य बनाया भाई मुझे तो सलमान खान जैसी बॉडी बनानी है। आप जिम जाते हो 2 घंटे जिम करके घर आकर आईने में देखते हैं। कोई रिजल्ट नहीं। कुछ दिन यही प्रक्रिया चलती हैं। जिम करते हैं। आईने में देखते हैं। कोई रिजल्ट नहीं और जब आपको कोई रिजल्ट नहीं मिलता तो आप निराश होकर उस कार्य को बीच में ही छोड़ देते हैं। धैर्य नहीं रख पाते। पर आपको यह समझना होगा। कि किसी भी चीज का रिजल्ट हाथो हाथ नहीं मिलता। थोड़ा समय लगता है। तब तक आपको धैर्य तो रखना ही होगा। केवल सफलता के लिए ही नहीं अपितु जीवन के हर पड़ाव पर धैर्य की जरूरत है।
जीवन के कठिन समय में धैर्य की बहुत आवश्यकता होती है। जब आप के ऊपर कोई विपत्ति आती है। तो सब दिलासा देते हैं। धैर्य रखो सब ठीक हो जाएगा। क्योंकि सब जानते हैं। कि वक्त एक जैसा नहीं रहता। कोई भी परिस्थिति स्थाई नहीं होती। बुरा वक्त भी कुछ समय के लिए है। और उस समय में आपको अपना धैर्य बनाकर रखना होगा। क्योंकि परिस्थिति आपके हाथ में नहीं होती। जिस तरह कोरोनावायरस चलते आज जो परिस्थिति बनी हुई है। वह हमारे हाथ में नहीं है पर अपने धैर्य के बल पर हम इस कठिन समय को पार कर सकते हैं।
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