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बुधवार, 21 जुलाई 2021

उजली सुबह का आना तय है

प्रस्तावना -  दोस्तों ( उजली सुबह का आना तय है। )  इस कविता के माध्यम से यह बताया गया है। कि आपके जीवन में कितना भी दुःख दर्द और परेशानियां क्यो ना हो। वो हमेशा के लिए नहीं रहने वालीं। मुश्किल समय में भी धेर्य बनाकर रखें। और परमात्मा पर विश्वास रखते हुए अपने जीवन लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते जाएं। और नेक कार्य करते रहें। एक दिन आपका सफल होना तय हैं।































रात कितनी भी गहरी काली हो।
उजली सुबह का आना तय है।।



चलता रहे मुसाफिर तो।
मंजिल का मिलना तय है।।



आपका सपना आपकी ज़िद्द बन जाए तो।
उसका साकार होना तय है।



मत घबराना दुखों के बादल से।
एक दिन उसका छट जाना तय है।।



तेरी चाहत में यदि वो शिद्दत हैं। तो यकीं मान।
पूरी कायनात का तेरे साथ हो जाना तय हैं।।



काम ऐसे नेक कर कि।
हक से मांग अपनी मुराद।।



उस परमपिता परमात्मा द्वारा।
खुशियों से तेरी झोली भर जाना तय हैं।।













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