"जो होता है। अच्छे के लिए होता है।"
हमने कई बार अपने जीवन में यह सुना है। कि "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" पर इस बात को मानते कितने लोग हैं? हम बहुत सी बातें सुनते हैं। पर उन पर दिल से विश्वास नहीं करते। यदि हम सकारात्मकता को दिल से स्वीकार करते हैं। उन पर विश्वास करते हैं। कहीं कोई संशय नहीं करते तब वह चीज हमारे जीवन पर work करती है। नहीं तो ऐसी कितनी ही बाते हम सुनते हैं। और भूल जाते हैं।
एक कहानी है। हम में से बहुत लोगों ने सुनी भी होगी जो यह बात सिद्ध करती है। कि "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।"
एक बार अकबर सेव काट रहे थे। सेव काटते काटते अचानक उनका अंगूठा कट गया। अकबर दर्द से करहा उठे। और जोर जोर से चिल्लाने लगे इतने में बीरबल उनके पास आता है। और उनको समझाता है। महाराज घबराइए नहीं सब ठीक हो जाएगा थोड़ा सा अंगूठा ही कटा है। कुछ ज्यादा बुरा नहीं हुआ कुछ दिन में ही ठीक हो जाएगा। अकबर नाराज हो जाते हैं। एक तो हमारा अंगूठा कट गया और आप बोल रहे ज्यादा बुरा नहीं हुआ और कितना बुरा होना है? महाराज मैं तो बस इतना कह रहा था। कि "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" सब ठीक हो जाएगा। अकबर को और गुस्सा आ गया एक तो हमारा अंगूठा कट गया। ऊपर से तुम बोल रहे हो कि जो होता है। अच्छे के लिए होता है। तुम हमारे हितेषी हो या हमारे दुश्मन जो हमारे दुख पर बोल रहे हो कि अच्छा हुआ है। और गुस्से में बीरबल की बात समझते ही नहीं है। और क्रोध में आकर अपने सैनिकों को आदेश दे देते हैं कि बीरबल को बंदी बना लो यह हमारा हितेषी नहीं है। इसे क़ैद खाने में डाल दो।
चूंकि अकबर को बीरबल के साथ में रहने की आदत थी। तो उनका मन नहीं लग रहा था। उसके बगैर बड़े बेचैन थे। तो अपना मन बहलाने के लिए कुछ सैनिकों के साथ जंगल में शिकार करने निकल जाते हैं। और तेजी से घोड़ा दौड़ाते हुए सैनिकों से भी आगे निकल जाते हैं। जंगल में अंधेरा होने के कारण महाराज सैनिकों की नज़रों से ओझल हो जाते हैं। बहुत ढूंढ़ने पर भी जब महाराज नहीं मिलते तो सैनिक वापस महल को लौट जाते हैं। यह सोचकर कि महाराज खुद ही वापस आ जाएंगे। अगर नहीं आए। तो कल सुबह हम फिर से उन्हें ढूंढने निकलेंगे। इधर अकबर घने जंगल में रास्ता भटक जाते हैं। जंगल में रहने वाले आदिवासी अकबर को अपना बंदी बना लेते हैं। ताकि अपने देवता को एक नरबलि चढ़ा सकें। बलि चढ़ाने की सारी तैयारियां हो चुकी थी। जैसे ही अकबर का सर काटने के लिए तलवार उसके गर्दन के समीप लाई जाती है। अकबर घबराहट के कारण अपने दोनों हाथ आगे कर देते है। और जोर से चिल्लाते हैं।
"नहींईईईई"
तो अचानक आदिवासियों के सरदार की नजर अकबर के कटे हुए अंगूठे पर जाती है। और वह जोर से चिल्लाता है। "रुक जाओ" इसकी बली नहीं चढ़ सकती। क्योंकि इसकी बली हमारे देवता स्वीकार नहीं करेंगे। क्योंकि यह खंडित है। देखिए इसका अंगूठा कटा हुआ है। और आदिवासी अकबर को आजाद कर देते हैं। अकबर सुबह तक अपने महल लौट आते हैं। तब अकबर को याद आता है। कि बीरबल ने सही कहा था। "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" यदि आज मेरा अंगूठा ना कटा होता तो मेरा सर कट चुका होता। और अकबर को अपनी गलती का एहसास होता है। कि मैंने बीरबल के साथ बहुत बुरा किया। वह तो मुझे समझा रहा था। घबराए नहीं। "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" ऐसा सोच कर वह सैनिकों को आदेश देता है। की बीरबल को क़ैद से आजाद कर दो और हमारे पास लेकर आओ। जब बीरबल आता है। तो अकबर उनसे अपनी गलती की माफी मांगते हैं। और कहते हैं। बीरबल तुमने सही कहा था। "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" यदि आज मेरा अंगूठा ना कटा होता। तो मेरा सर कट चुका होता। मेरे लिए तो यह बात सिद्ध होती है। पर समझ नहीं आ रहा तुम्हारे साथ क्या अच्छा हुआ? तुम मेरे लिए इतना कुछ करते हो और मैंने ही तुम्हें कैद में डाल दिया तुम्हारे साथ भला क्या अच्छा हुआ? बीरबल मुस्कुराते हुए बोलते हैं। महाराज यदि आप मुझे कैद में नहीं डालते तो शिकार के लिए अपने साथ ले जाते हैं। और आप तो बच जाते। क्योंकि आप का अंगूठा कटा था। पर मेरा अंगूठा नहीं कटा था। तो आदिवासी मेरा सर ज़रूर काट देते हैं। इससे अच्छा हुआ। कि मैं रात भर क़ैद खाने में रहा।
अब सोचकर देखिए जब हमारा अंगूठा कटता है। अथार्थ कोई दुःख हमारे जीवन में आता है। तो क्या हम भी हाय हाय नहीं करने लगते ईश्वर से शिक़ायत नहीं करने लगते। पर याद रखिए ऐसा करने से चीजें और बिगड़ जाती हैं। और आप उस समस्या में फंसे रह जाते हैं। उनका हल नहीं ढूंढ पाते रोते बिलखते रह जाते हैं। इसलिए चाहे आपके जीवन में कितना भी बुरा समय आ जाए। आपको बस एक ही बात याद रखनी है। कि "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।"
इन शब्दों को केवल एक वाक्य के रूप में याद नहीं रखना है। अपितु इन शब्दों को अपना विश्वास बनाना है। और इस विश्वास को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं देना है। और संकट के समय में भी धैर्य बनाए रखना है।
Motivational quotes
याद रखें ईश्वर देकर भी आजमाते हैं। और लेकर भी आजमाते हैं। की आपका उन पर भरोसा है या नहीं। और जब आप इस अग्नि परीक्षा में पास हो जाते हैं।तो यकीन मानिए फिर आपको वह मिलता है। जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
"जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" यही मेरे जीवन का मूल मंत्र है। जिसे मैंने अपने जीवन में पूरे विश्वास के साथ धारण किया है। आशा है इस मंत्र को आप भी अपने जीवन में पूरे विश्वास के साथ धारण करेंगे और अपने जीवन को सुखद बनाएंगे।
राधे राधे
Related posts - सफलता का मूलमंत्र - सकारात्मक दृष्टिकोण ( click here)
दोस्तों यदि आपको "जो होता है। अच्छे के लिए होता है।" मेरी यह post अच्छी लगी। तो आप इसे आगे भी शेयर करें। दोस्तों मेरे काम को सरहाने के लिए आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया। आशा करती हूं। आपका और हमारा यह स्नेह पूर्ण संबन्ध सदा बना रहेगा। नीचे दी गई red line पर touch करके आप मुझे youtube और facebook page पर भी follow कर सकते हैं।
परमात्मा पर भरोसा रखें। जो होता है अच्छे के लिए होता है। YouTube video
धन्यवाद्।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
If you have any problam please let me know.